80 साल में गांव जस के तस

विशेषसंवाददाता,नईदिल्लीदेशकीसामाजिकआर्थिकस्थितिमेंबीतेदशकोंमेंकितनाबदलावआयाहैयहजनगणनाकीताजारिपोर्टसेजाहिरहोताहै।सरकारनेसामाजिक,आर्थिकवजातिआधारितजनगणना2011कीरिपोर्टजारीकीहै।हालांकिजातिआधारितआंकड़ोंकोजारीनहींकियागयाहैपरजोआंकड़ेजारीकिएगएहैंवेग्रामीणभारतकीविकटतस्वीरदर्शातेहैं।रिपोर्टसेसंकेतमिलताहैकिगांवोंमेंहरतीसरापरिवारभूमिहीनहैऔरआजीविकाकेलिएशारीरिकश्रमपरनिर्भरहै।ग्रामीणक्षेत्रोंमेंरहनेवाले17.9करोड़परिवारोंमेंसे75फीसदीपरिवारोंमेंअधिकांशकाअधिकतमवेतन5,000रुपये(83डॉलर)सेकमहै,वहीं40फीसदीपरिवारभूमिहीनहैंऔरमजदूरीकरतेहैं।80सालबाददेशमेंतकरीबन80सालबादसामाजिक,आर्थिकवजातिआधारपरजनगणनाकराईगईहै।इससेपहले1932मेंपहलीबारक्षेत्र,समुदाय,जाति,आयवर्गपरआधारितजनगणनाकीगईथी।चुनावकाअसरजातिआधारितआंकड़ेजारीनकरनेपरकेंद्रीयग्रामीणविकासमंत्रीवीरेंदरसिंहकाकहनाथाकि'रजिस्ट्रारजनरलऑफइंडिया'उन्हेंजारीकरेगा।येकबजारीहोंगेयहउन्होंनेनहींबताया।इसतरहकीजनगणनाकीआलोचनाभीहोतीरहीहै।कुछकामाननाहैकिजातिआधारितआंकड़ेआनेसेसामाजिकसौहार्दबिगड़नेकाखतराहै।दूसरीओरऐसामानाजारहाहैकिजातिकेआंकड़ेआगामीबिहारचुनावोंकोदेखतेहुएरोकेगएहैं।दरअसल,बिहारमेंजातिगतसमीकरणकाफीजटिलहैं।यूपीएकाफैसलाजातिआधारितजनगणनाकरानेकाफैसलायूपीएसरकारकाथा।रिपोर्टजारीकरतेहुएवित्तमंत्रीअरुणजेटलीकाकहनाथाकियेआंकड़ेआमजनतातकसरकारीनीतियोंकाफायदाठीकढंगसेपहुंचानेमेंफायदेमंदसाबितहोंगे।इसजनगणनासेपताचलेगाकिसमाजमेंकिसतबकेकीभागीदारीकितनीहैऔरउसेकिसतरहकीयोजनाओंकीजरूरतहै।यहकहतीहैजनगणनारिपोर्टगांव4.6फीसदीग्रामीणपरिवारहीइनकमटैक्सचुकातेहैं।24.39करोड़परिवारहैंदेशमें,जिनमेंसे17.91करोड़गांवोंमेंरहतेहैं।2.37करोड़परिवारएककमरेकेकच्चेमकानमेंगुजाराकररहेहैं।शिक्षा4.21करोड़परिवारोंमें25सालसेज्यादाउम्रकेसदस्योंकोकभीकोईएजुकेशननहींमिली।65लाखग्रामीणपरिवारऐसे,जहांसारेसदस्यनाबालिगहैं।औरत68.96लाखपरिवारऐसेहैं,जिनकीमुखियामहिलाहै।16लाखपरिवारहीऐसे,जहांमहिलामुखिया10हजाररुपएमहीनेसेज्यादाकमारहीहैं।नौकरी2.50करोड़परिवारसरकारीयाप्राइवेटनौकरीपरटिकेहैं।17.91करोड़ग्रामीणपरिवारोंमेंसे5.39करोड़कीआयकास्रोतखेतीहै।44.84लाखपरिवारदूसरोंकेघरोंमेंकामकरगुजाराकररहेहैं।4लाखपरिवारकचराबीनकरघरचलारहेहैं।6.68लाखपरिवारभीखमांगकरपेटभररहेहैं।सैलरी8.29फीसदीपरिवारोंमेंवेतन10हजाररुपयेप्रतिमाहसेअधिकहै।17.18फीसदीपरिवारमेंवेतन5,000से10,000रुपयेकेबीचहै।75फीसदीग्रामीणपरिवारोंमेंअधिकतमसैलरी5,000रुपये।मोबाइल68.35फीसदीपरिवारोंकेपासमोबाइलफोन।86.63प्रतिशतयूपीकेघरोंमेंमोबाइलहैंडसेटहैं।86.60प्रतिशतउत्तराखंडकेघरोंमेंमोबाइलहैं।28.47प्रतिशतछत्तीसगढ़ीपरिवारोंकेपासमोबाइलउपकरणहैं।फ्रिज11.04प्रतिशतग्रामीणपरिवारोंकेपासरेफ्रिजरेटरहैं।69.37प्रतिशतकेसाथगोवाइसमामलेमेंसबसेआगे।2.61प्रतिशतकेसाथबिहारसबसेपीछेहै।वाहन20.69प्रतिशतपरिवारोंकेपासकोईनकोईवाहनहै।65.85प्रतिशतगाड़ीवालेपरिवारोंकेसाथगोवाअव्वल।एससी/एसटी30प्रतिशतग्रामीणपरिवारएससी/एसटीसमुदायसेहैं।36.74प्रतिशतसर्वाधिकएससीआबादीहैपंजाबमें।98.79प्रतिशतसर्वाधिकएसटीआबादीहैमिजोरममें।